“अलबिंदर ढींडसा को Eternal के नए ग्रुप CEO बनाया गया है, जहां वे Zomato और Blinkit के ऑपरेशंस संभालेंगे। उन्होंने Grofers (अब Blinkit) की स्थापना की थी, जिसे Zomato ने अधिग्रहित किया। उनकी नेट वर्थ करीब 9000 करोड़ रुपये है, और वे IIT Delhi तथा Columbia University के alumnus हैं। दीपिंदर गोयल अब वाइस चेयरमैन रहेंगे।”
अलबिंदर ढींडसा, जिन्हें अल्बी के नाम से भी जाना जाता है, अब Eternal लिमिटेड के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हैं, जो Zomato और Blinkit की पैरेंट कंपनी है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कंपनी की रेवेन्यू 190% YoY ग्रोथ के साथ 16,692 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, और कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट्स 73% बढ़े हैं। ढींडसा का फोकस अब दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशंस पर होगा, जबकि कंपनी के फाउंडर दीपिंदर गोयल वाइस चेयरमैन के रूप में लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी और इनवेस्टमेंट्स पर ध्यान देंगे।
ढींडसा का जन्म 1982 में हुआ, और वे पंजाब के पटियाला से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने IIT Delhi से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech किया, जहां उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में बेसिक स्किल्स विकसित कीं। उसके बाद, उन्होंने Columbia University, New York से MBA प्राप्त किया, जो उनके बिजनेस एक्यूमेन को मजबूत करने में मददगार साबित हुआ। उनकी एजुकेशनल बैकग्राउंड ने उन्हें टेक और लॉजिस्टिक्स के इंटरसेक्शन पर काम करने के लिए तैयार किया, जो बाद में उनकी कंपनी की सफलता का आधार बनी।
करियर की शुरुआत में, ढींडसा ने अमेरिका में ट्रांसपोर्टेशन कंसल्टिंग फर्म में काम किया, जहां उन्होंने सुप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स के जटिल मॉडल्स पर अनुभव हासिल किया। 2011 में वे Zomato में शामिल हुए, जहां उन्होंने इंटरनेशनल ऑपरेशंस के हेड के रूप में कंपनी की ग्लोबल एक्सपैंशन को लीड किया। इस दौरान, Zomato ने Foodiebay से रीब्रांडिंग की और कई देशों में विस्तार किया। ढींडसा की लीडरशिप में Zomato की इंटरनेशनल ग्रोथ ने कंपनी को मजबूत फाउंडेशन दिया, लेकिन वे जल्द ही अपना खुद का वेंचर शुरू करने के लिए निकल पड़े।
2013 में, ढींडसा ने अपने स्कूल फ्रेंड सौरभ कुमार के साथ Grofers की स्थापना की, जो शुरुआत में एक ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म था। कंपनी ने कई मॉडल्स आजमाए, जैसे होलसेल से रिटेल तक, लेकिन क्विक कॉमर्स पर फोकस करने के बाद यह ब्लिंकिट में तब्दील हो गई। 2021 में रीब्रांडिंग के बाद, Blinkit ने 10-मिनट डिलीवरी मॉडल को अपनाया, जो इंडियन मार्केट में गेम-चेंजर साबित हुआ। कंपनी ने $1.2 बिलियन से ज्यादा फंडिंग रेज की, और 2022 में Zomato ने इसे $569 मिलियन में अधिग्रहित कर लिया। इस डील के जरिए ढींडसा ने अपनी कंपनी को दीपिंदर गोयल को ‘बेचा’, लेकिन वे Blinkit के CEO बने रहे।
अधिग्रहण के बाद, Blinkit की ग्रोथ रॉकेट की तरह बढ़ी। हालिया क्वार्टर में, Blinkit का GOV 121% YoY बढ़ा, और यह पहली बार Adjusted EBITDA पॉजिटिव हुई। मंथली ऑर्डर्स 100 करोड़ तक पहुंच चुके हैं, और कंपनी अब $11.5 बिलियन के इंस्टेंट डिलीवरी मार्केट में Swiggy, Amazon और अन्यों से मुकाबला कर रही है। ढींडसा की स्ट्रैटेजी में प्रोडक्ट डेवलपमेंट और ऑवरऑल बिजनेस प्लानिंग शामिल रही, जिसने Blinkit को लॉस-मेकिंग से प्रॉफिटेबल बना दिया। Hyperpure, जो Zomato का B2B आर्म है, ने भी पहली बार Adjusted EBITDA पॉजिटिव दर्ज की, INR 1 करोड़ के साथ।
ढींडसा की नेट वर्थ अनुमानित रूप से 9000 करोड़ रुपये (करीब $1.1 बिलियन) है, जो मुख्य रूप से Blinkit के इक्विटी और ESOPs से आती है। Zomato की $13 बिलियन वैल्यूएशन में उनकी स्टेक महत्वपूर्ण है, और उन्होंने हाल में Rs 214 करोड़ के ESOPs एक्सरसाइज किए। वे अपनी पर्सनल लाइफ में सिंपल रहते हैं, कोई लैविश एसेट्स नहीं रखते। उनकी वाइफ अकृति चोपड़ा Zomato की पूर्व CPO रही हैं, और दोनों की जोड़ी स्टार्टअप वर्ल्ड में इंस्पायरिंग मानी जाती है। ढींडसा को बास्केटबॉल खेलना और फ्रेंच म्यूजिक सुनना पसंद है, जो उनके वर्क-लाइफ बैलेंस को दर्शाता है।
अलबिंदर ढींडसा की प्रमुख उपलब्धियां:
Grofers से Blinkit तक का ट्रांसफॉर्मेशन: कंपनी को क्विक कॉमर्स लीडर बनाया।
Zomato अधिग्रहण: $569 मिलियन डील, जो इंडियन स्टार्टअप हिस्ट्री में माइलस्टोन।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड: Blinkit को Adjusted EBITDA पॉजिटिव बनाया।
ग्लोबल एक्सपीरियंस: Zomato में इंटरनेशनल ऑपरेशंस लीड किए।
फंडिंग सक्सेस: $1.2 बिलियन रेज, जो निवेशकों का विश्वास दिखाता है।
टाइमलाइन ऑफ ढींडसा का करियर:
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 2004 | IIT Delhi से B.Tech पूरा किया। |
| 2008 | Columbia University से MBA। |
| 2011 | Zomato में जॉइन, इंटरनेशनल हेड। |
| 2013 | Grofers की स्थापना। |
| 2021 | Grofers को Blinkit में रीब्रांड। |
| 2022 | Zomato द्वारा अधिग्रहण। |
| 2026 | Eternal के ग्रुप CEO बने। |
नए रोल में, ढींडसा का चैलेंज Eternal को नेक्स्ट लेवल पर ले जाना होगा, जहां Zomato का NOV 16.6% YoY ग्रोथ कर रहा है, और Adjusted EBITDA मार्जिन 5.4% (INR 531 करोड़) पर पहुंच चुका है। District का NOV 20% YoY बढ़ा है, और कंपनी अब B2C GOV में 55% YoY ग्रोथ दर्ज कर रही है। ढींडसा की एग्जीक्यूशन स्किल्स, जैसा कि गोयल ने खुद कहा कि वे उनकी तुलना में बेहतर हैं, कंपनी को क्विक कॉमर्स के उभरते मार्केट में मजबूत बनाएंगी।
Blinkit के तहत, ढींडसा ने टीम बिल्डिंग पर फोकस किया, जहां उन्होंने इनोवेटिव आइडियाज को प्रोत्साहित किया। उदाहरण के तौर पर, Blinkit ने डार्क स्टोर्स का नेटवर्क बढ़ाया, जो अब हजारों में है, और AI-बेस्ड इन्वेंटरी मैनेजमेंट से डिलीवरी टाइम घटाया। यह मॉडल अब इंडस्ट्री स्टैंडर्ड बन चुका है। ढींडसा की लीडरशिप स्टाइल कॉलेबोरेटिव है, जहां वे टीम मेंबर्स को ऑटोनॉमी देते हैं, लेकिन स्ट्रैटेजिक डिसीजन खुद लेते हैं।
Eternal के फ्यूचर में, ढींडसा फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और B2B सेगमेंट्स को इंटीग्रेट करने पर काम करेंगे। कंपनी की हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि Blinkit का NOV 121% YoY बढ़ा है, जो ढींडसा की स्ट्रैटेजी की सफलता दर्शाता है। वे अब Eternal को इंडिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनाने की दिशा में काम करेंगे, जहां कस्टमर्स, डिलीवरी पार्टनर्स और बिजनेस पार्टनर्स का सपोर्ट क्रूशियल होगा।
Eternal के हालिया फाइनेंशियल हाइलाइट्स (तालिका):
| सेगमेंट | ग्रोथ (YoY) | Adjusted EBITDA |
|---|---|---|
| Blinkit | 121% (NOV) | पॉजिटिव (पहली बार) |
| Zomato | 16.6% (NOV) | 5.4% मार्जिन (INR 531 Cr) |
| Hyperpure | – | पॉजिटिव (INR 1 Cr) |
| District | 20% (NOV) | – |
| ओवरऑल B2C GOV | 55% | – |
ढींडसा की कहानी एक अंडरडॉग की है, जो स्प्रेडशीट्स से स्पीड डिलीवरी तक पहुंचा। उनकी सफलता दर्शाती है कि persistence और स्मार्ट रिस्क्स कैसे दुनिया बदल सकते हैं। Eternal अब उनके हाथों में है, और मार्केट उनकी नेक्स्ट मूव्स का इंतजार कर रहा है।
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