नई टाटा पंच EV ने एक्सट्रीम टेस्ट में कमाल दिखाया है। कंपनी ने इसे हवा, जमीन, पानी और आग के चरम लिमिट पर परखा, जहां यह 900 डिग्री सेल्सियस हीट और 900 mm वॉटर वेडिंग में सफल रही। फेसलिफ्ट मॉडल में बेहतर रेंज, सेफ्टी और ड्यूरेबिलिटी के साथ यह भारतीय सड़कों के लिए बनी है, जहां EV की मजबूती पर सवाल उठते रहे हैं।
नई टाटा पंच EV ने दिखाई असली ताकत: आग और पानी के टेस्ट में पास
टाटा मोटर्स ने अपनी नई पंच EV को लॉन्च करने से पहले एक्सट्रीम कंडीशंस में टेस्ट किया है, जो इसे भारतीय EV सेगमेंट में अलग बनाता है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि ये कोई स्टंट नहीं, बल्कि वाहन की असली क्षमता मापने का तरीका है।
पंच EV को चार तत्वों – एयर, अर्थ, वॉटर और फायर – के चरम पर परखा गया। फायर टेस्ट में वाहन को 900 डिग्री सेल्सियस एम्बिएंट हीट और लपटों के बीच से गुजारा गया। कार अंगारों पर दौड़ी और आग की लपटों से होकर निकली, लेकिन बैटरी, वायरिंग या स्ट्रक्चर में कोई नुकसान नहीं हुआ। यह टेस्ट EV की थर्मल प्रोटेक्शन और बैटरी सेफ्टी को साबित करता है, खासकर भारत जैसे देश में जहां गर्मी और दुर्घटना की आशंका रहती है।
वॉटर टेस्ट में पंच EV को 900 mm गहरे पानी (लगभग 90 सेमी) में चलाया गया, जो स्टैंडर्ड 450 mm वॉटर वेडिंग से दोगुना है। कार बिना रुके, बिना पानी के अंदर घुसने के आगे बढ़ी। यह फीचर भारतीय मानसून और बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है, जहां कई ICE वाहन भी फंस जाते हैं।
एयर टेस्ट में कंट्रोल्ड एयरबोर्न लैंडिंग्स शामिल थीं, जबकि अर्थ टेस्ट में रफ टेरेन और ऑफ-रोड कंडीशंस पर वाहन की मजबूती परखी गई। ये सभी टेस्ट एक साथ करके टाटा ने दिखाया कि पंच EV सिर्फ शहर की सड़कों के लिए नहीं, बल्कि हर तरह की चुनौती के लिए तैयार है।
मुख्य अपडेट्स और फीचर्स जो इसे ‘शक्तिमान’ बनाते हैं
बैटरी और रेंज : 30 kWh (मीडियम रेंज) और 40 kWh (लॉन्ग रेंज) ऑप्शन उपलब्ध। एक रियल-वर्ल्ड टेस्ट में 593 km तक की रेंज दर्ज की गई।
सेफ्टी फीचर्स : एक्टिव थर्मल प्रोटेक्शन, लाइफटाइम अनलिमिटेड किलोमीटर बैटरी वारंटी – सेगमेंट में पहली बार।
बिल्ड क्वालिटी : हाई-स्ट्रेंथ स्टील बॉडी, बेहतर अंडरबॉडी प्रोटेक्शन जो आग और पानी से बचाव देता है।
कीमत में फायदा : फेसलिफ्ट मॉडल पिछले वर्जन से करीब 1.85 लाख रुपये सस्ता, जिससे ज्यादा खरीदारों तक पहुंच आसान।
ये टेस्ट EV खरीदारों के मन में सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब देते हैं। भारत में जहां चार्जिंग इंफ्रा अभी बढ़ रहा है, वहां वाहन की ड्यूरेबिलिटी और रियल-वर्ल्ड परफॉर्मेंस सबसे बड़ा फैक्टर बन जाता है। पंच EV ने साबित किया कि इलेक्ट्रिक कारें न सिर्फ पर्यावरण के लिए, बल्कि सेफ्टी और मजबूती में भी आगे हैं।