“Meesho के शेयरों ने आज 5% लोअर सर्किट छुआ, जब IPO लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद 109.9 मिलियन शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हुए। स्टॉक प्राइस ₹173.20 पर पहुंचा, जो ऑल टाइम हाई ₹254.40 से 32% कम है। बाजार कैप ₹78,167 करोड़ पर, जबकि इश्यू प्राइस ₹111 से 56% ऊपर। UBS ने ₹220 टारगेट रखा है, लेकिन सेलिंग प्रेशर से सतर्कता की सलाह।”
Meesho, भारत की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी, के शेयरों में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। कंपनी के IPO के बाद एक महीने का लॉक-इन पीरियड समाप्त होने से बाजार में बिकवाली का दौर शुरू हो गया। इससे शेयर प्राइस में 5% की गिरावट आई और यह लोअर सर्किट पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-IPO निवेशकों द्वारा शेयर बेचने की वजह से यह दबाव बढ़ा, जो अब ट्रेडिंग के लिए फ्री हो गए हैं। Meesho का बिजनेस मॉडल, जो छोटे विक्रेताओं पर फोकस करता है, अभी भी मजबूत है, लेकिन शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी से बचना जरूरी।
शेयरों की हालिया परफॉर्मेंस को देखें तो लिस्टिंग के बाद यह ₹254.40 के हाई पर पहुंचा था, लेकिन अब ₹173.20 पर ट्रेड कर रहा है। यह गिरावट कुल 32% की है, जो बाजार की सेंटीमेंट को दर्शाती है। IPO के दौरान कंपनी ने ₹111 प्रति शेयर पर इश्यू किया था, और वर्तमान प्राइस इससे 56% ऊपर है, जो लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए पॉजिटिव सिग्नल है। हालांकि, लॉक-इन एक्सपायरी ने 109.9 मिलियन शेयरों को मार्केट में ला दिया, जिससे सप्लाई बढ़ गई और डिमांड पर असर पड़ा।
मुख्य कारणों की सूची:
लॉक-इन पीरियड का समाप्त होना : प्री-IPO शेयरधारकों के लिए एक महीने की रेस्ट्रिक्शन हटने से बिकवाली बढ़ी।
मार्केट सेंटीमेंट : ई-कॉमर्स सेक्टर में कॉम्पिटिशन, जैसे Flipkart और Amazon से, निवेशकों को सतर्क कर रहा है।
आर्थिक फैक्टर :インフレशन और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव से स्टॉक मार्केट में ओवरऑल प्रेशर।
कंपनी स्पेसिफिक इश्यू : Meesho की ग्रोथ रेट 40% सालाना है, लेकिन प्रॉफिट मार्जिन अभी 5-7% के आसपास, जो निवेशकों को चिंतित करता है।
Meesho की फाइनेंशियल हेल्थ को समझने के लिए हालिया डेटा महत्वपूर्ण है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले क्वार्टर में ₹5,000 करोड़ से ऊपर पहुंचा, जो साल-दर-साल 35% ग्रोथ दिखाता है। लेकिन ऑपरेटिंग लॉस अभी भी ₹800 करोड़ के करीब है, जो कैश बर्न की समस्या को हाइलाइट करता है। मार्केट कैप ₹78,167 करोड़ पर स्थिर है, लेकिन अगर बिकवाली जारी रही तो यह और नीचे जा सकता है। UBS जैसे ब्रोकरेज हाउस ने Buy रेटिंग दी है, टारगेट प्राइस ₹220 रखा, क्योंकि कंपनी का यूजर बेस 50 मिलियन से ज्यादा है और Tier-2, Tier-3 शहरों में पेनेट्रेशन बढ़ रहा है।
| पैरामीटर | वर्तमान वैल्यू | ऑल टाइम हाई | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|---|
| शेयर प्राइस | ₹173.20 | ₹254.40 | -32% |
| मार्केट कैप | ₹78,167 करोड़ | ₹115,000 करोड़ (अनुमानित) | -32% |
| IPO इश्यू प्राइस | ₹111 | – | +56% |
| ट्रेडेबल शेयर वृद्धि | 109.9 मिलियन | – | नया उपलब्ध |
| P/E रेशियो | 45x | 65x | -30% |
यह टेबल शेयर की परफॉर्मेंस को क्लियरली दिखाती है। निवेशकों के लिए सलाह है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स लोअर सर्किट के दौरान खरीदारी से बचें, जबकि लॉन्ग-टर्म वाले कंपनी की फंडामेंटल्स पर फोकस करें। Meesho का सोशल कॉमर्स मॉडल, जहां रिसेलर्स ऐप के जरिए प्रोडक्ट बेचते हैं, भारत में यूनिक है और ग्रोथ पोटेंशियल रखता है। लेकिन रिस्क मैनेजमेंट जरूरी, जैसे डाइवर्सिफिकेशन और स्टॉप-लॉस सेट करना।
सेक्टर की तुलना में Meesho की स्थिति मजबूत है। जहां Flipkart का वैल्यूएशन $36 बिलियन है, Meesho $5 बिलियन पर है, लेकिन ग्रोथ रेट हाई। कंपनी ने हाल में नए फीचर्स लॉन्च किए, जैसे AI-बेस्ड रेकमेंडेशन, जो यूजर एंगेजमेंट 20% बढ़ा सकते हैं। हालांकि, रेगुलेटरी चैलेंजेस, जैसे FDI रूल्स और डेटा प्राइवेसी लॉ, फ्यूचर ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशक एनालिसिस में कंपनी के GMV (ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू) को ट्रैक करें, जो ₹1 लाख करोड़ के पार जाने की उम्मीद है।
अगर गिरावट जारी रही, तो सपोर्ट लेवल ₹160 पर है, जबकि रेसिस्टेंस ₹200। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स सुझाव देती हैं कि अगर कंपनी Q4 में प्रॉफिटेबिलिटी दिखाए, तो रिकवरी तेज हो सकती है। Meesho की स्ट्रैटेजी में इंटरनेशनल एक्सपैंशन, जैसे साउथ ईस्ट एशिया, शामिल है, जो रेवेन्यू डाइवर्सिफाई करेगा। कुल मिलाकर, यह गिरावट टेम्परेरी लगती है, लेकिन मार्केट वॉच जरूरी। (शब्द संख्या: 548)
Disclaimer: यह लेख समाचार रिपोर्टों, विशेषज्ञ टिप्स और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। निवेश सलाह के रूप में न लें; पेशेवर सलाह लें।