“ईरान-इज़राइल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से क्रूड ऑयल की कीमतें $114 से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे भारत में इंडस्ट्रियल डीजल महंगा हो रहा है और AdBlue (DEF) जैसी महत्वपूर्ण केमिकल्स की कमी BS6 डीजल वाहनों के SCR सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। इससे लाखों BS6 डीजल कारों और ट्रकों में इंजन पावर लॉस, DPF क्लॉगिंग या पूरा इंजन शटडाउन का खतरा बढ़ गया है।”
ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए युद्ध ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट को हिला दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया का करीब 20% क्रूड ऑयल और बड़ा हिस्सा LNG गुजरता है, प्रभावी रूप से बंद हो चुका है। Brent क्रूड की कीमत $114.15 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जबकि WTI $97 के पार ट्रेड कर रहा है। भारत, जो अपनी 85-90% क्रूड जरूरतें आयात करता है और इनमें से आधा हिस्सा इसी रूट से आता है, अब गंभीर संकट का सामना कर रहा है।
इस युद्ध ने न सिर्फ पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि BS6 डीजल वाहनों के लिए एक नया खतरा पैदा किया है। BS6 नॉर्म्स के तहत सभी डीजल इंजन में SCR (Selective Catalytic Reduction) टेक्नोलॉजी अनिवार्य है, जो NOx एमिशन कम करने के लिए AdBlue (DEF – Diesel Exhaust Fluid) का इस्तेमाल करती है। AdBlue मुख्य रूप से यूरिया बेस्ड सॉल्यूशन है, जिसकी सप्लाई चेन में यूरिया का बड़ा रोल है। यूरिया का उत्पादन और आयात मिडिल ईस्ट के गैस और केमिकल रूट्स पर निर्भर करता है।
युद्ध के कारण गल्फ रीजन से इंडस्ट्रियल गैस और केमिकल सप्लाई चेन बाधित हो गई है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में यूरिया की कमी पहले से ही महसूस हो रही है, जो अब AdBlue प्रोडक्शन को सीधे प्रभावित कर रही है। BS6 डीजल वाहनों में AdBlue खत्म होने या क्वालिटी खराब होने पर SCR सिस्टम फेल हो जाता है, जिससे इंजन पावर लिमिट मोड में चला जाता है या पूरी तरह बंद हो सकता है। कई ऑटोमेकर्स ने अलर्ट जारी किया है कि AdBlue की कमी से वाहन रजिस्ट्रेशन या हाईवे पर अटक सकते हैं।
इसके अलावा, क्रूड की ऊंची कीमतों से डीजल की क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। उच्च कीमतों के चलते रिफाइनर्स अल्टरनेटिव सोर्स से क्रूड ला रहे हैं, जिसमें सल्फर या अन्य इंप्योरिटीज ज्यादा हो सकती हैं। BS6 इंजन बहुत सेंसिटिव होते हैं और कम क्वालिटी डीजल से DPF (Diesel Particulate Filter) जल्दी क्लॉग हो जाता है। DPF क्लॉग होने पर रिजनरेशन नहीं होता तो इंजन में पावर लॉस, बढ़ी हुई स्मोक, या इंजन वार्निंग लाइट आ जाती है। कई मामलों में DPF रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ती है, जो 80,000-1,50,000 रुपये तक खर्चीला हो सकता है।
भारत में BS6 डीजल वाहनों की संख्या करोड़ों में है, खासकर कमर्शियल वाहन, SUV और पिकअप सेगमेंट में। लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतें पहले ही Rs 87.67 से बढ़कर Rs 109.59 प्रति लीटर हो चुकी हैं, जो ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ा रही हैं। अगर AdBlue की कमी लंबी चली तो कई फ्लीट ऑपरेटर्स को वाहन रोकने पड़ सकते हैं।
मुख्य प्रभाव और आंकड़े
क्रूड ऑयल कीमतें : Brent $114+ प्रति बैरल (50% से ज्यादा उछाल फरवरी 28 के बाद से)
भारत में पेट्रोल/डीजल : फिलहाल स्थिर (पेट्रोल Rs 103.54/लीटर, डीजल Rs 90.03/लीटर), लेकिन इंडस्ट्रियल डीजल में भारी बढ़ोतरी
AdBlue/यूरिया संकट : गल्फ रूट बंद होने से सप्लाई चेन प्रभावित, कई रिफाइनरीज में प्रोडक्शन प्रभावित
BS6 वाहन प्रभाव : SCR फेलियर से इंजन पावर 20-50% तक कम, DPF क्लॉग से रिपेयर खर्च लाखों में
क्या करें BS6 डीजल वाहन मालिक?
AdBlue लेवल नियमित चेक करें और केवल OEM-अप्रूव्ड फ्लूइड इस्तेमाल करें।
लंबी ड्राइव (हाईवे) पर फोकस करें ताकि DPF रिजनरेशन हो सके।
कम क्वालिटी डीजल से बचें, विश्वसनीय पंप चुनें।
सर्विस सेंटर से AdBlue स्टॉक की जानकारी लें।
अगर संभव हो तो EV या CNG ऑप्शन पर विचार करें, क्योंकि डीजल का फ्यूचर अनिश्चित हो रहा है।
यह संकट लंबा खिंचा तो BS6 डीजल सेगमेंट में बड़ा ब्रेक लग सकता है, जहां पहले से ही DPF और DEF की समस्याएं आम हैं। सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अल्टरनेटिव सप्लाई रूट्स तलाश रही हैं, लेकिन फिलहाल टेंशन बरकरार है।