US-इजराइल-ईरान युद्ध के चलते सोमवार को सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है? कच्चा तेल 8% से ज्यादा उछलने की आशंका!

“US-इजराइल-ईरान युद्ध ने वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल मचा दी है। सोना सेफ हेवन के रूप में चमक रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर $5,200 प्रति औंस के ऊपर पहुंच चुका है और भारत में 24 कैरेट सोना ₹1.73 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल में भी तेजी देखी जा रही है, ब्रेंट क्रूड $72-73 प्रति बैरल पर पहुंचा है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोमवार को यह 8% या इससे ज्यादा की छलांग लगा सकता है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा।”

US-इजराइल-ईरान युद्ध के चलते सोमवार को रिकॉर्ड तोड़ इतना महंगा होगा सोना? कच्चे तेल में 8% की तेजी संभव!

US और इजराइल की ओर से ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले के बाद मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति बन गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिसके बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संघर्ष ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिला दिया है, जहां निवेशक सेफ हेवन एसेट्स की ओर भाग रहे हैं।

सोना अब रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने की कगार पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $5,200 प्रति औंस के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जबकि शुक्रवार को यह $5,230-$5,296 के बीच पहुंचा। 2026 में अब तक सोना 22% से ज्यादा चढ़ चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है, तो सोना $5,500-$6,000 प्रति औंस तक जा सकता है। भारत में MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी देखी जा रही है। दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना ₹1,73,080 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट ₹1,58,650 के स्तर पर है। पिछले कुछ दिनों में ही 24 कैरेट सोने में ₹81,300 प्रति 100 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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यह तेजी मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल रिस्क से उपजी है। युद्ध के कारण निवेशक इक्विटी और रिस्की एसेट्स से दूर होकर सोने में निवेश कर रहे हैं। साथ ही, चीन जैसे बड़े खरीदारों की मांग भी मजबूत बनी हुई है। अगर ईरान की ओर से और बड़े हमले होते हैं या होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होता है, तो सोने में और उछाल आ सकता है।

कच्चे तेल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को $72.87 प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि WTI $67.29 पर। 2026 में अब तक क्रूड 20% चढ़ चुका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोमवार को बाजार खुलते ही ब्रेंट में $10-20 प्रति बैरल की तेजी आ सकती है, जो 8% से ज्यादा होगी। कुछ बैंक जैसे Barclays ने $100 प्रति बैरल का अनुमान लगाया है।

कच्चे तेल की कीमतों पर असर के प्रमुख कारण:

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का 20% तेल सप्लाई करता है, और युद्ध ने शिपिंग को प्रभावित किया है। कई टैंकर कंपनियां रूट बदल रही हैं।

ईरान के जवाबी हमलों से गल्फ देशों में US बेस पर अटैक हुए हैं, जिससे सप्लाई चेन डिस्टर्ब हो सकती है।

अगर संघर्ष लंबा चला, तो तेल $90-$100 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है, जिससे वैश्विक इन्फ्लेशन बढ़ेगा।

भारत जैसे आयातक देशों में पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ेंगी, जो ट्रांसपोर्ट और महंगाई पर असर डालेगी।

सोने और तेल की तुलनात्मक स्थिति (लेटेस्ट डेटा):

एसेटअंतरराष्ट्रीय मूल्य (शुक्रवार बंद)भारत में मूल्य (प्रति 10 ग्राम/बैरल)संभावित सोमवार तेजी
गोल्ड (स्पॉट)$5,230-$5,296 प्रति औंस₹1,73,080 (24K)$5,500+ तक
ब्रेंट क्रूड$72.87 प्रति बैरल8%+ उछाल ($80+)
WTI क्रूड$67.29 प्रति बैरलसमान तेजी

यह युद्ध न केवल मध्य पूर्व को अस्थिर कर रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल रहा है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह है, क्योंकि बाजार में भारी volatility आने वाली है।

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Disclaimer: यह लेख समाचार और बाजार विश्लेषण पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।

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