केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8th Pay Commission में प्रमुख मांगों में फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 करने की मांग शामिल है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में 66% तक की बढ़ोतरी संभव है। कर्मचारी संगठन 3.25 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर, 7% वार्षिक इंक्रीमेंट और OPS की बहाली की मांग कर रहे हैं। पेंशनर्स को भी समान फिटमेंट फैक्टर देने की मांग है, जबकि DA को बेसिक में मर्ज करने की सिफारिशें आ रही हैं। कमिशन जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है, लेकिन सिफारिशें 18 महीने में आने की उम्मीद।
8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी से पेंशन तक, फैमिली यूनिट 3 से 5 हुई तो 66% बढ़ जाएगी सैलरी?
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Central Pay Commission की चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारी यूनियनों ने हाल ही में दिल्ली में बैठक की, जहां फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 करने की प्रमुख मांग उठी। यह बदलाव Aykroyd फॉर्मूला पर आधारित है, जो न्यूनतम वेतन तय करने में इस्तेमाल होता है। वर्तमान में 7th Pay Commission के तहत फैमिली यूनिट में कर्मचारी, जीवनसाथी और बच्चों को 3 यूनिट माना जाता है। यदि इसमें डिपेंडेंट पैरेंट्स को शामिल कर 5 यूनिट किया गया, तो न्यूनतम पे की गणना का आधार 5/3 = 1.666 गुना यानी करीब 66.67% बढ़ जाएगा।
इसका मतलब है कि वर्तमान में लेवल-1 का न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है, तो नई गणना में यह ₹30,000 के आसपास या उससे अधिक पहुंच सकता है। इससे फिटमेंट फैक्टर की मांग भी मजबूत होगी और पूरे पे मैट्रिक्स, अलाउंस और पेंशन पर असर पड़ेगा। कर्मचारी संगठन NC-JCM के तहत मास्टर मेमोरेंडम तैयार कर रहे हैं, जिसमें यह प्रस्ताव प्रमुख है।
फिटमेंट फैक्टर पर कर्मचारी संगठनों की मांग 3.25 या उससे अधिक की है। कुछ यूनियंस 2.86 से 3.68 तक की रेंज में बात कर रही हैं। 7th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे औसत 14-23% की बढ़ोतरी हुई थी। अब DA के स्तर को देखते हुए न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 से शुरू माना जा रहा है, क्योंकि जनवरी 2026 तक DA 60% या अधिक पहुंच सकता है। लेकिन महंगाई, कोविड काल में फ्रीज DA और अन्य फैक्टर्स से यह 2.0 या अधिक हो सकता है। यदि 3.25 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ, तो उच्च लेवल पर बेसिक पे में भारी उछाल आएगा। उदाहरण के लिए, लेवल-10 (₹56,100 बेसिक) पर नया बेसिक 3.25 गुना से ₹1,82,325 तक पहुंच सकता है, हालांकि वास्तविक बढ़ोतरी DA मर्ज के बाद कम होगी।
बेसिक सैलरी और पे मैट्रिक्स में बदलाव के अलावा अलाउंस पर फोकस है। HRA, TA और अन्य अलाउंस बेसिक पे के प्रतिशत पर आधारित हैं, इसलिए बेसिक बढ़ने से ये भी बढ़ेंगे। वार्षिक इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 7% करने की मांग है, ताकि करियर में तेज प्रोग्रेस हो। प्रमोशन में कम से कम 5 एडवांसमेंट सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है।
पेंशन पर भी बड़ा असर होगा। 68 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को कर्मचारियों के समान फिटमेंट फैक्टर देने की मांग है। Old Pension Scheme (OPS) की बहाली की जोरदार मांग है, NPS और UPS को स्क्रैप करने की बात हो रही है। पेंशन कैलकुलेशन में भी फैमिली यूनिट बदलाव से लाभ हो सकता है।
FNPO जैसी संस्थाओं ने 8th Pay Commission चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर 50% DA को बेसिक पे/पेंशन में मर्ज करने और 1 जनवरी 2026 से इंटरिम रिलीफ देने की मांग की है। महंगाई को देखते हुए यह अंतरिम कदम जरूरी बताया जा रहा है। कमिशन को 18 महीने का समय मिला है, रिपोर्ट 2027 तक आने की संभावना है, लेकिन प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, जिससे एरियर्स मिल सकते हैं।
कर्मचारी संगठन CGHS अलाउंस बढ़ाने, लीव एनकैशमेंट 300 से 400 दिनों तक करने और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। कुल मिलाकर, फैमिली यूनिट बदलाव सबसे चर्चित प्रस्ताव है, जो न्यूनतम पे को सीधे प्रभावित कर सकता है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार के पास होगा।
यह सभी मांगें NC-JCM की बैठक में फाइनल की जा रही हैं और कमिशन को सौंपी जाएंगी।
| प्रमुख मांगें | विवरण | संभावित प्रभाव |
|---|---|---|
| फैमिली यूनिट | 3 से 5 (डिपेंडेंट पैरेंट्स शामिल) | न्यूनतम बेसिक में 66% बढ़ोतरी |
| फिटमेंट फैक्टर | 3.25 या अधिक | बेसिक पे में 25-50%+ रियल बढ़ोतरी |
| वार्षिक इंक्रीमेंट | 3% से 7% | तेज करियर ग्रोथ |
| पेंशन | OPS बहाली, समान फिटमेंट | पेंशन में बड़ा उछाल |
| DA मर्ज | 50% DA बेसिक में | इंटरिम रिलीफ |
Disclaimer: यह खबर विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगों और उपलब्ध अपडेट्स पर आधारित है। अंतिम सिफारिशें और लागू होना सरकार के फैसले पर निर्भर।