“सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने संकेत दिए हैं कि इस महीने के अंत तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया जा सकता है। करीब 10 साल से अटके इस ऐतिहासिक आईपीओ की राह अब साफ नजर आ रही है, जिससे भारतीय पूंजी बाजार में नया अध्याय शुरू हो सकता है।”
एनएसई आईपीओ को मिल सकती है बड़ी मंजूरी
सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने चेन्नई में मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि रेगुलेटर NSE के आईपीओ के लिए NOC जारी करने की एडवांस्ड स्टेज में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा, “हम इस महीने के अंत तक NOC जारी कर सकते हैं, इसके बाद NSE को DRHP फाइल करने और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा।”
यह अपडेट NSE के लिए करीब एक दशक पुरानी समस्या का अंतिम चरण माना जा रहा है। NSE ने पहली बार दिसंबर 2016 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था, लेकिन को-लोकेशन और डार्क फाइबर जैसे मामलों में जांच और जुर्माने के कारण प्रक्रिया रुकी हुई थी। NSE ने इन मुद्दों को हल करने के लिए कई कदम उठाए, जिसमें अक्टूबर 2024 में ₹643 करोड़ का जुर्माना चुकाना और मैनेजमेंट-बोर्ड में बदलाव शामिल हैं।
अगस्त 2024 में NSE ने दोबारा NOC के लिए आवेदन किया था। अब सेबी के इस सकारात्मक संकेत से बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि NOC जनवरी 2026 के अंत तक मिल सकता है। NOC मिलने के बाद NSE को DRHP तैयार करने में लगभग 4 महीने और सेबी की समीक्षा में अतिरिक्त 4-5 महीने लग सकते हैं, जिससे आईपीओ 2026 की दूसरी छमाही में लॉन्च हो सकता है।
NSE की मजबूत वित्तीय स्थिति
NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जो इक्विटी, डेरिवेटिव्स और अन्य सेगमेंट में प्रमुख हिस्सेदारी रखता है। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में इसका नेट प्रॉफिट करीब ₹6,320 करोड़ रहा, जो बाजार की बढ़ती गतिविधियों का नतीजा है। NSE के पास कोई प्रमोटर नहीं है और करीब 1.72 लाख शेयरधारक पहले से मौजूद हैं, जो इसे संस्थागत रूप से मजबूत बनाता है।
आईपीओ का महत्व
NSE का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी प्रदान करेगा और नए निवेशकों को देश के सबसे मजबूत फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर में हिस्सेदारी का मौका देगा। लिस्टिंग के बाद NSE दुनिया के प्रमुख एक्सचेंजों में से एक के रूप में और मजबूत होगा।
आगे की प्रक्रिया
NOC के बाद:
NSE DRHP फाइल करेगा
सेबी समीक्षा करेगा और ऑब्जेक्शंस (यदि कोई) हल होंगे
अंत में RHP जारी होकर आईपीओ ओपन होगा
यह विकास भारतीय निवेशकों के लिए उत्साहजनक है, क्योंकि NSE जैसी संस्था का पब्लिक लिस्टिंग बाजार की गहराई और विश्वसनीयता बढ़ाएगा।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और निवेश संबंधी सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।