“आरबीआई ने तीन प्रमुख बैंकों – CSB Bank, Bank of Maharashtra और DCB Bank – तथा दो NBFC – IIFL Finance और Navi Finserv – पर कुल ₹1.35 करोड़ का जुर्माना लगाया है। CSB Bank पर ₹63.60 लाख, Bank of Maharashtra पर ₹32.50 लाख और DCB Bank पर ₹29.60 लाख का सबसे बड़ा जुर्माना लगा, जबकि NBFC पर छोटी राशियां लगीं। यह कार्रवाई विभिन्न नियामक उल्लंघनों के लिए की गई है, जिसमें बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट नियम, गोल्ड लोन दिशानिर्देश, क्रेडिट जानकारी रिपोर्टिंग और KYC प्रावधान शामिल हैं।”
RBI ने लगाई कई बैंकों और NBFC पर गाज, जुर्माने की राशि लाखों में
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नियामक अनुपालन में कमी पाए जाने पर तीन प्रमुख बैंकों और दो गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) पर कुल ₹1.35 करोड़ का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई 6 फरवरी 2026 को जारी आदेशों के तहत की गई, जो वित्तीय संस्थानों में अनुशासन और ग्राहक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्रीय बैंक की सख्त नीति को दर्शाती है।
सबसे अधिक जुर्माना कैथोलिक सिरियन बैंक (CSB Bank Limited) पर लगा है। RBI ने बैंक पर ₹63.60 लाख का जुर्माना लगाया, क्योंकि बैंक ने ‘Business Correspondents (BCs) की गतिविधियों के दायरे’ और ‘बैंकों में ग्राहक सेवा’ से संबंधित RBI के निर्देशों का पालन नहीं किया। यह उल्लंघन बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 47A(1)(c) के साथ धारा 46(4)(i) के तहत आता है। CSB Bank ने BC मॉडल के माध्यम से सेवाएं प्रदान करते समय दिशानिर्देशों की अनदेखी की, जिससे ग्राहक सेवा प्रभावित हुई।
Bank of Maharashtra पर ₹32.50 लाख का जुर्माना लगा है। यह जुर्माना ‘Self Help Group सदस्यों के संबंध में क्रेडिट जानकारी रिपोर्टिंग’ और ‘Know Your Customer (KYC)’ दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए है। Credit Information Companies (Regulation) Act, 2005 की धारा 25(1)(iii) और Banking Regulation Act की संबंधित धाराओं के तहत यह कार्रवाई हुई। SHG सदस्यों की क्रेडिट जानकारी समय पर सही रिपोर्ट न करने से सिस्टम की विश्वसनीयता प्रभावित होती है, जो RBI के लिए चिंता का विषय रहा।
DCB Bank Limited पर ₹29.60 लाख का जुर्माना लगा, जो ‘सोने के आभूषणों और ज्वेलरी के गिरवी पर गैर-कृषि उपयोग के लिए दिए गए लोन’ से जुड़े RBI निर्देशों के उल्लंघन के कारण है। बैंक ने गोल्ड लोन नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया, जिससे जोखिम प्रबंधन में कमी आई। यह जुर्माना भी Banking Regulation Act की धारा 47A(1)(c) के साथ धारा 46(4)(i) के तहत लगाया गया।
NBFC क्षेत्र में भी RBI ने सख्ती दिखाई। Navi Finserv पर ₹3.80 लाख और IIFL Finance पर ₹5.30 लाख का जुर्माना लगा। इन उल्लंघनों के विवरण में विभिन्न ऋण वितरण और अनुपालन नियम शामिल हैं, हालांकि मुख्य फोकस बैंकों पर रहा। कुल मिलाकर, तीन बैंकों पर ₹1.25 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगा, जबकि NBFC पर शेष राशि।
ये जुर्माने RBI की निरंतर निगरानी का हिस्सा हैं, जो स्टेट्यूटरी निरीक्षण और सुपरवाइजरी मूल्यांकन के आधार पर लगाए जाते हैं। RBI ने स्पष्ट किया है कि ये दंड केवल उल्लंघनों के लिए हैं और संस्थानों के ग्राहक संबंधित अनुबंधों या लेनदेन की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं डालते।
मुख्य उल्लंघन और जुर्माने की सूची
| संस्थान का नाम | जुर्माना राशि | मुख्य उल्लंघन क्षेत्र |
|---|---|---|
| CSB Bank Limited | ₹63.60 लाख | Business Correspondents दायरा और ग्राहक सेवा निर्देश |
| Bank of Maharashtra | ₹32.50 लाख | SHG क्रेडिट जानकारी रिपोर्टिंग और KYC प्रावधान |
| DCB Bank Limited | ₹29.60 लाख | गोल्ड ऑर्नामेंट्स पर गैर-कृषि लोन दिशानिर्देश |
| IIFL Finance | ₹5.30 लाख | नियामक अनुपालन संबंधी उल्लंघन |
| Navi Finserv | ₹3.80 लाख | नियामक अनुपालन संबंधी उल्लंघन |
RBI की यह कार्रवाई वित्तीय प्रणाली की स्थिरता, ग्राहक हितों की सुरक्षा और अनुपालन संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। संस्थानों को अब इन कमियों को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे, अन्यथा आगे अधिक सख्त कार्रवाई हो सकती है।
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