“भारतीय बाजार में Citroen की कुल बिक्री पिछले 6 महीनों में बेहद कमजोर रही है। कंपनी को महीने में कभी-कभी सिर्फ 2 ग्राहकों से ही संतोष करना पड़ा, जबकि कुल यूनिट्स 1,058 के आसपास सिमट गईं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि फ्रेंच ब्रांड को नेटवर्क, ब्रांड रिकग्निशन और कॉम्पिटिशन की वजह से भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।”
Citroen की बिक्री रिपोर्ट: निराशाजनक 6 महीने
भारतीय पैसेंजर व्हीकल मार्केट में जहां Maruti Suzuki, Tata Motors और Mahindra जैसे ब्रांड रिकॉर्ड बिक्री के आंकड़े दर्ज कर रहे हैं, वहीं Citroen की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। पिछले 6 महीनों (अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक) की बिक्री डेटा से साफ पता चलता है कि कंपनी की कुल डिस्पैच मात्र 1,058 यूनिट्स तक सिमट गई। यह संख्या इतनी कम है कि कई बड़े मॉडल्स के एक महीने की बिक्री से भी कम है।
Citroen के पोर्टफोलियो में मुख्य रूप से C3 हैचबैक, C3 Aircross, Basalt coupe-SUV और कुछ अन्य वेरिएंट शामिल हैं। लेकिन इनमें से कोई भी मॉडल मार्केट में मजबूत पकड़ नहीं बना पाया। खासकर Basalt, जो लॉन्च के समय कुछ चर्चा में रहा था, उसकी बिक्री लगातार गिरावट में रही। कई महीनों में कंपनी को बेहद कम ग्राहकों से ही काम चलाना पड़ा।
महीने-दर-महीने बिक्री का हाल (अनुमानित ट्रेंड्स के आधार पर)
अगस्त 2025: लॉन्च पीरियड में Basalt को कुछ शुरुआती बुकिंग्स मिलीं, लेकिन कुल कंपनी बिक्री सीमित रही।
सितंबर-अक्टूबर 2025: उत्साह थोड़ा बढ़ा, लेकिन फिर भी 200-400 यूनिट्स के बीच ही रहा।
नवंबर 2025: बिक्री में भारी गिरावट, कुछ रिपोर्ट्स में सिर्फ 2-ग्राहक स्तर तक पहुंचने की बात सामने आई।
दिसंबर 2025: मामूली सुधार, लेकिन 100 यूनिट्स के आसपास।
जनवरी 2026: कंपनी कुल 1,058 यूनिट्स पर पहुंची, जो पूरे 6 महीने की संचित बिक्री है।
यह आंकड़ा तब और चिंताजनक हो जाता है जब हम देखते हैं कि भारतीय बाजार में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट कुल मिलाकर महीने में 4 लाख से अधिक यूनिट्स की बिक्री कर रहा है। Citroen की हिस्सेदारी 0.2-0.3% से भी कम रह गई है।
क्यों फेल हो रही है Citroen की बिक्री? प्रमुख कारण
सीमित डीलरशिप नेटवर्क – देशभर में Citroen के महज 50-60 से कम टचपॉइंट्स हैं, जबकि Maruti के 3,000+ और Tata के 1,000+ आउटलेट्स मौजूद हैं। ग्राहक सर्विस और उपलब्धता को लेकर आशंकित रहते हैं।
ब्रांड अवेयरनेस की कमी – फ्रेंच ब्रांड होने के बावजूद भारतीय ग्राहकों के बीच Citroen की पहचान बहुत कम है। लोग ज्यादातर स्थापित ब्रांड्स की ओर ही आकर्षित होते हैं।
तीव्र प्रतिस्पर्धा – SUV और coupe-SUV सेगमेंट में Hyundai Creta, Tata Nexon, Maruti Brezza, Mahindra XUV 3XO जैसे मॉडल्स 15,000-20,000+ यूनिट्स महीने बेच रहे हैं। Basalt जैसा मॉडल इनके सामने फीका पड़ जाता है।
प्राइसिंग और वैल्यू – अच्छी बिल्ड क्वालिटी और फीचर्स के बावजूद Citroen के मॉडल्स की कीमत प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स से ज्यादा लगती है, जिससे खरीदार दूर हो जाते हैं।
मार्केटिंग की कमी – बड़े विज्ञापन अभियान और ग्राहक आउटरीच में Citroen पीछे है।
तुलनात्मक आंकड़े: Citroen vs प्रमुख ब्रांड्स (जनवरी 2026)
यह अंतर स्पष्ट करता है कि Citroen कितनी बड़ी चुनौती का सामना कर रही है।
आगे की राह क्या?
| ब्रांड | जनवरी 2026 बिक्री (यूनिट्स) | YoY ग्रोथ |
|---|---|---|
| Maruti Suzuki | ~1,74,000 | +0.5% |
| Tata Motors | ~70,000 | +46% |
| Mahindra | ~54,000 | +24% |
| Hyundai | ~59,000 | स्थिर |
| Citroen | 1,058 | +125% (कम बेस से) |
Citroen को भारत में टिके रहने के लिए बड़े पैमाने पर डीलर नेटवर्क विस्तार, आक्रामक प्राइसिंग, ज्यादा मार्केटिंग और नए मॉडल्स लाने की जरूरत है। कंपनी ने हाल में कुछ अपडेट्स जैसे Basalt X वेरिएंट लॉन्च किए हैं, लेकिन अभी तक असर नजर नहीं आया। यदि अगले कुछ महीनों में सुधार नहीं हुआ तो ब्रांड के लिए भारतीय बाजार में बने रहना मुश्किल हो सकता है।