देश के बाहर मारुति के लिए नंबर-1 बन गई ये कार, घर में ₹2 लाख का डिस्काउंट भी ग्राहक खींचने में नाकाम!

मारुति सुजुकी जिम्नी विदेशी बाजारों में विशेष रूप से जापान में अपार लोकप्रिय साबित हो रही है, जहां इसकी वेटिंग पीरियड 4 साल तक पहुंच गई है और निर्यात 1 लाख यूनिट्स के पार हो चुका है। वहीं भारत में भारी छूट के बावजूद इसकी मासिक बिक्री 757 यूनिट्स तक सिमट गई है, जो घरेलू बाजार में इसकी चुनौतीपूर्ण स्थिति को दर्शाता है।

मारुति जिम्नी: विदेशों में धमाल, भारत में संघर्ष

मारुति सुजुकी जिम्नी 5-डोर मॉडल भारत में निर्मित होकर दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में निर्यात की जा रही है। यह कंपनी के लिए निर्यात में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता मॉडल बन चुका है। जापान में इसे जिम्नी नोमेड के नाम से बेचा जा रहा है, जहां लॉन्च के बाद से ही जबरदस्त मांग देखी गई। शुरुआती 4 दिनों में 50,000 से ज्यादा बुकिंग्स मिलने के कारण बुकिंग्स रोकनी पड़ीं। अब वेटिंग पीरियड 4 साल तक पहुंच गया है और बुकिंग्स 30 जनवरी 2026 से दोबारा शुरू हो रही हैं।

यह सफलता जिम्नी के ऑफ-रोड DNA, लैडर फ्रेम चेसिस और पार्ट-टाइम 4WD सिस्टम की वजह से है। जापानी ग्राहक इसकी कॉम्पैक्ट साइज, विश्वसनीयता और क्लासिक अपील को खूब पसंद कर रहे हैं। कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाकर मासिक 3,300 यूनिट्स तक पहुंचाई है, लेकिन मांग अभी भी आपूर्ति से कहीं ज्यादा है। अन्य बाजारों जैसे मैक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और चिली में भी यह SUV मजबूत प्रदर्शन कर रही है।

भारत में स्थिति बिल्कुल उलट है। जिम्नी को लॉन्च के बाद से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर 2025 में इसकी घरेलू बिक्री मात्र 757 यूनिट्स रही, जो पिछले महीने से 5.61% कम है। कंपनी ने पिछले कुछ समय में इस मॉडल पर भारी डिस्काउंट दिए हैं, जिसमें 2 लाख रुपये तक की छूट शामिल रही है, लेकिन ग्राहक आकर्षित नहीं हो पा रहे। पुराने स्टॉक पर 1.4 लाख रुपये तक की छूट और अतिरिक्त ऑफर्स के बावजूद बिक्री में कोई खास सुधार नहीं दिखा।

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भारत vs विदेश: बिक्री और मांग की तुलना

भारत में कमजोर प्रदर्शन के प्रमुख कारण

पैरामीटरभारत (घरेलू बाजार)विदेश (मुख्य रूप से जापान)
मासिक बिक्री (दिसंबर 2025)757 यूनिट्सवेटिंग 4 साल, बुकिंग्स फिर शुरू
कुल निर्यात/बिक्रीकमजोर, सैकड़ों यूनिट्स प्रतिमाह1 लाख+ यूनिट्स निर्यात पार
वेटिंग पीरियडकोई नहीं4 साल तक
डिस्काउंट₹2 लाख तककोई जरूरत नहीं, प्रीमियम डिमांड
मुख्य आकर्षणऑफ-रोड क्षमता, लेकिन सीमित अपीलऑफ-रोड DNA, कॉम्पैक्ट डिजाइन, हेरिटेज

जिम्नी की एक्स-शोरूम कीमत 12.74 लाख से 14.79 लाख रुपये के बीच है, जो इसे महिंद्रा थार जैसे प्रतिद्वंद्वियों से महंगा बनाती है। थार में डीजल विकल्प, बेहतर रोड प्रेजेंस और वैल्यू फॉर मनी मिलती है, जिससे ज्यादातर ग्राहक उसी की ओर रुख कर रहे हैं। जिम्नी का 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन (105 hp, 134 Nm) हाईवे पर कमजोर महसूस होता है और बॉडी रोल की समस्या भी है। भारतीय खरीदार बड़े आकार, प्रीमियम फील और मल्टी-पर्पज उपयोग को प्राथमिकता देते हैं, जबकि जिम्नी एक niche ऑफ-रोडर है।

इसके अलावा, सेफ्टी फीचर्स जैसे 6 एयरबैग्स, ABS, EBD, ESP, हिल होल्ड और डिसेंट कंट्रोल होने के बावजूद ग्राहक इसे महंगा मानते हैं। कंपनी ने उत्पादन बढ़ाया है, लेकिन घरेलू बाजार में मांग नहीं बढ़ रही।

निर्यात में जिम्नी की भूमिका

मारुति सुजुकी ने 2025 में कुल 3.95 लाख वाहन निर्यात किए, जो कंपनी के इतिहास में सर्वाधिक है। जिम्नी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रही है और फ्रॉन्क्स के बाद दूसरे स्थान पर है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सालाना 7.5-8 लाख यूनिट्स निर्यात करना है। गुरुग्राम प्लांट से बनने वाली यह SUV भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर रही है।

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जिम्नी का यह कंट्रास्ट मारुति के लिए सबक है कि घरेलू बाजार की जरूरतें और ग्लोबल अपील अलग-अलग हो सकती हैं। कंपनी अब डोमेस्टिक सेल्स बढ़ाने के लिए नए स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है।

अस्वीकरण: यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न उपलब्ध आंकड़ों और बाजार विश्लेषण पर आधारित है। कार खरीदने से पहले डीलर से नवीनतम ऑफर्स और स्पेसिफिकेशन्स की पुष्टि करें।

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