“दिसंबर 2025 में SIP इनफ्लो रिकॉर्ड 31,002 करोड़ रुपये पहुंचा, नवंबर से 5% ऊपर। इक्विटी फंड्स में नेट इनफ्लो 28,054 करोड़, 6% कम। कुल AUM 80.23 लाख करोड़, SIP अकाउंट्स 9.79 करोड़ तक बढ़े।”
दिसंबर 2025 में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए म्यूचुअल फंड्स में रिकॉर्ड 31,002 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज हुआ, जो नवंबर के 29,445 करोड़ से 5.3% अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि खुदरा निवेशक बाजार की अस्थिरता के बावजूद लंबी अवधि के निवेश पर भरोसा बनाए हुए हैं। SIP अकाउंट्स की संख्या बढ़कर 9.79 करोड़ हो गई, जबकि SIP एसेट्स 16.63 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए, जो कुल इंडस्ट्री AUM का 20.7% है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में नेट इनफ्लो दिसंबर में 28,054 करोड़ रुपये रहा, जो नवंबर के 29,911 करोड़ से 6.2% कम है। फिर भी, यह अक्टूबर के 24,690 करोड़ से 13.6% ऊपर है, जो निवेशकों की सतर्क लेकिन सकारात्मक रणनीति को दिखाता है। कुल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री AUM दिसंबर में मामूली गिरावट के साथ 80.23 लाख करोड़ रुपये पर बंद हुआ, मुख्य रूप से डेट फंड्स से आउटफ्लो के कारण।
कैटेगरी-वाइज इक्विटी इनफ्लो
लार्ज-कैप फंड्स: 1,567 करोड़ रुपये (नवंबर से 4.4% कम)।
मिड-कैप फंड्स: 4,176 करोड़ रुपये (स्थिर वृद्धि)।
स्मॉल-कैप फंड्स: 3,824 करोड़ रुपये (निवेशकों का बढ़ता आकर्षण)।
मल्टी-कैप फंड्स: सबसे अधिक 8,512 करोड़ रुपये का इनफ्लो।
| महीना | SIP इनफ्लो (करोड़ रुपये) | इक्विटी नेट इनफ्लो (करोड़ रुपये) | कुल AUM (लाख करोड़ रुपये) |
|---|---|---|---|
| अक्टूबर 2025 | 28,120 | 24,690 | 80.50 |
| नवंबर 2025 | 29,445 | 29,911 | 80.98 |
| दिसंबर 2025 | 31,002 | 28,054 | 80.23 |
ETF सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ देखी गई, जहां इनफ्लो 12,345 करोड़ रुपये रहा, जबकि गोल्ड ETF में 1,890 करोड़ का निवेश आया। हाइब्रिड फंड्स ने 5,678 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया, जो डाइवर्सिफिकेशन की बढ़ती मांग को दर्शाता है। डेट फंड्स से 4,567 करोड़ का आउटफ्लो हुआ, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के चलते।
मुख्य वजहें
बाजार रिकवरी: शेयर बाजारों में सेंसेक्स और निफ्टी की 3-4% वृद्धि ने निवेशकों को प्रोत्साहित किया।
खुदरा भागीदारी: नए SIP अकाउंट्स में 45 लाख की वृद्धि, मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों से।
आर्थिक संकेतक: GDP ग्रोथ अनुमान 7.2% रहने से कॉन्फिडेंस बढ़ा।
FPI आउटफ्लो का काउंटर: विदेशी निवेशकों से 2.5 बिलियन डॉलर आउटफ्लो के बावजूद DII ने बाजार को सपोर्ट किया।
यह ट्रेंड 2025 में कुल इक्विटी फंड इनफ्लो को 3.03 लाख करोड़ रुपये तक ले गया, जो पिछले साल से 15% अधिक है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट सूचना उद्देश्यों के लिए है। निवेश सलाह नहीं है। स्रोतों पर आधारित, लेकिन पाठक स्वयं सत्यापन करें।