“दिसंबर 2025 में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 1.33% हो गई, जो नवंबर के 0.71% से अधिक है। खाद्य महंगाई में कमी घटी, लेकिन सब्जियां अभी भी सस्ती रहीं। मांस, मछली, अंडे, मसाले और दालों के दाम बढ़े, जबकि ईंधन और आवास की दरें स्थिर रहीं।”
दिसंबर में रिटेल महंगाई बढ़कर हुई 1.33%, खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े; सरकार ने जारी किए आंकड़े
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित रिटेल महंगाई दर सालाना आधार पर 1.33% दर्ज की गई। यह नवंबर 2025 के 0.71% से अधिक है, जो लगातार दूसरे महीने की तेजी दर्शाती है।
खाद्य महंगाई दर सालाना आधार पर -2.71% रही, जो नवंबर के -3.91% से कम कमी दिखाती है। इससे समग्र महंगाई में वृद्धि हुई, क्योंकि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट की रफ्तार धीमी पड़ी।
मुख्य श्रेणियों का ब्रेकडाउन:
खाद्य एवं पेय पदार्थ : -2.71% (नवंबर से सुधार)।
सब्जियां : -18.47% (नवंबर के -22.20% से कम गिरावट)।
दालें एवं उत्पाद : दामों में वृद्धि, लेकिन सटीक प्रतिशत उपलब्ध नहीं।
मांस एवं मछली : कीमतें बढ़ीं, जो महंगाई को ऊपर ले गईं।
अंडे : दामों में उछाल दर्ज।
मसाले : ऊंची कीमतें जारी।
व्यक्तिगत देखभाल : दाम बढ़े, जो गैर-खाद्य श्रेणी में योगदान।
ईंधन एवं प्रकाश : 1.97% (नवंबर के 2.32% से कम)।
आवास : 2.86% (शहरी क्षेत्र में, नवंबर के 2.95% से थोड़ा कम)।
| श्रेणी | दिसंबर 2025 महंगाई दर (%) | नवंबर 2025 से तुलना |
|---|---|---|
| समग्र CPI | 1.33 | 0.71 से बढ़ी |
| खाद्य महंगाई | -2.71 | -3.91 से कम कमी |
| सब्जियां | -18.47 | -22.20 से सुधार |
| ईंधन एवं प्रकाश | 1.97 | 2.32 से कम |
| आवास | 2.86 | 2.95 से कम |
महंगाई वृद्धि के प्रमुख कारणों में व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों, मांस, मछली, अंडे, मसाले और दालों की ऊंची कीमतें शामिल हैं। RBI की 4% लक्ष्य सीमा से नीचे रहने के बावजूद, यह ट्रेंड अर्थव्यवस्था पर नजर रखने की जरूरत बताता है।
शहरी और ग्रामीण महंगाई में अंतर: शहरी CPI 1.20% जबकि ग्रामीण 1.45% रही, जो ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक दबाव दर्शाती है।
Disclaimer: यह समाचार सरकारी रिपोर्ट, डेटा और विश्लेषण पर आधारित है।